
दिनांक 07.08.2026 को डीपीबीएस महाविद्यालय अनूपशहर में महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह की अध्यक्षता में पुस्तक विमोचन समारोह एवं राष्ट्रीय करघा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुस्तक विमोचन समारोह में अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष श्रीमती कामिनी अग्रवाल द्वारा लिखित "English prose and Writing Skills" पुस्तक का विमोचन किया गया। इस पुस्तक विमोचन समारोह की मुख्य अतिथि डॉक्टर दिव्या वाला पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश, अमर सिंह कॉलेज लखावटी रहीं । । इस पुस्तक की लेखिका श्रीमती कामिनी अग्रवाल ने बताया के इस किताब को लिखने की प्रेरणा महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह जी से प्राप्त हुई। मैंने इस किताब में राष्ट्रीय शिक्षा नीति में लागू किए गए बीए प्रथम वर्ष के नए पाठ्यक्रम को पूर्णतया कवर किया है। इस किताब में थ्योरी के साथ-साथ बहुविकल्पीय प्रश्न भी दिए गए हैं जो कि विद्यार्थियों को परीक्षा में सहायता प्रदान करेंगे। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ दिव्या बाला पाठक ने बताया की कामिनी अग्रवाल मेरी रिसर्च स्कॉलर हैं और इतना अच्छा काम कर रही हैं। मैं उसके लिए उन्हें शुभकामनाएं प्रदान करती हूं। अपने पुस्तक की विशेषता बताते हुए कहा कि इस पुस्तक में लेखिका ने पॉइंट टू पॉइंट पाठ्यक्रम पर अपना लेखन कार्य किया है। पुस्तक विमोचन समारोह में महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जी.के. सिंह ने लेखिका श्रीमती कामिनी अग्रवाल को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मेहनत की प्रशंसा की एवं पुस्तक के विषय में बताते हुए कहा कि लेखिका ने पुस्तक में अत्यंत सरल तरीके से विषयों को स्पष्ट किया है सभी विद्यार्थी इस पुस्तक को पढ़ें। इस कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर तरुण श्रीवास्तव ने किया। महाविद्यालय के द्वितीय कार्यक्रम राष्ट्रीय करघा दिवस कार्यक्रम का संचालन गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉक्टर मोहनी गुप्ता द्वारा किया गया। डॉ मोहिनी गुप्ता ने बताया कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारत के हथकरघा बुनकरों के कौशल को सम्मान देना और छात्राओं को इस दिवस से अवगत कराना है उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 7 अगस्त 2015 को पहली बार की थी। 2026 के 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का मुख्य फोकस "बुनकरों का सम्मान, परंपराओं का नवीनीकरण, क्षितिज का विस्तार" और 'Weaving Innovation' (हैंडलूम हैकाथॉन) जैसी पहलों पर है।गृह विज्ञान की अध्यापक सृष्टि शर्मा ने हथकरघा उद्योग के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि कृषि के बाद यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह ने छात्राओं के ज्ञानवर्धक प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों के प्रति सम्मान तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। इन कार्यक्रमों में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रोफेसर चंद्रावती प्रोफेसर आरके अग्रवाल डॉक्टर रेनू चौधरी आदि सभी सम्मानित प्राध्यापक उपस्थित रहे ।
दिनांक 07.08.2026 को डीपीबीएस महाविद्यालय अनूपशहर में महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर जी के सिंह की अध्यक्षता में स्किल डेवलपमेंट के अंतर्गत डिप्लोमा इन मेडिकल ड्रेसर और डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन दो कोर्स का उद्घाटन किया गया।
दिनांक 15.07.2026 को डीपीबीएस महाविद्यालय में प्राचार्य प्रोफेसर जी.के. सिंह के निर्देशन में स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में हवन-पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय श्री दुर्गा प्रसाद जी एवं स्वर्गीय श्री बलजीत सिंह जी के चित्रों पर पुष्पार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने संस्थापकों के आदर्शों का स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य हवन-पूजन संपन्न हुआ, जिसमें महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सहभागिता कर महाविद्यालय की निरंतर उन्नति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा समाज के कल्याण की कामना क करते हुए आहुति प्रदान की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि डीपीबीएस महाविद्यालय की स्थापना शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के उच्च आदर्शों को स्थापित करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि संस्थापकों के आदर्श, त्याग एवं दूरदर्शी सोच ही महाविद्यालय की प्रेरणा हैं तथा हम सभी का दायित्व है कि इन मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय प्रबंध समिति के आदरणीय श्री जयप्रकाश गौड़ जी ने अपने उद्बोधन में संस्थापकों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि डीपीबीएस महाविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अनुशासन, परिश्रम एवं समर्पण की भावना के साथ महाविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अपना योगदान दें।कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा महाविद्यालय की निरंतर प्रगति एवं राष्ट्र की समृद्धि की मंगलकामना के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री अजय गर्ग जी, उपाध्यक्ष श्री सुनील कुमार गुप्ता जी, संस्थापक सदस्य श्री सेवक चंद्र गुप्ता जी, श्रीमती नीना चतुर्वेदी, श्रीमती शशिबाला पंत आदि सम्मान्य अतिथि एवं महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।